Monday, 18 August 2008

До этой точки в жизни / इस मोड़ पर





Время всегда
шло нога в ногу со мной.
Иногда, став платком,
вытирало мне слезы.
Иногда,
словно ураган,
наваливалось на меня.
Иногда оно было моим голодом,
иногда — солнцем надежды,
иногда мелодией
одиночества.
Бывало оно и той последней лодкой,
которая уплывала от меня.
Оставляя меня на берегу, оно
было то другом,
то врагом.
А то и — незнакомцем.
Кем бы оно мне ни было,
до этой точки в жизни
мы с ним дошли вместе...

--перевод: Гурам Браун

मूल हिन्दी से रूसी अनुवाद:गुराम ब्रौन

वक्त हरदम
साथ था मेरे
कभी रुमाल बनकर
पॊंछता आँसू
कभी
तूफ़ान बनकर
टूटता मुझ पर
कभी वह भूख था
कभी उम्मीद का सूरज
कभी संगीत था
तनहाइयों का
कभी वह आख़िरी किश्ती
जो मुझको छोड़ जाती थी
किनारे पर अकेला
वो हमदम था
कि दुश्मन
या कि कोई अजनबी था
समझते ना-समझते
उम्र के इस मोड़ पर
आ गये दोनों...

--पूर्णिमा वर्मन
(मूल रचना)

1 comment:

भूतनाथ said...

bahut gahre bhaav hain hain aapke.... aameen.........!!